1 भ्रष्टाचार उन्मूलन- हम योग के माध्यम से देश के लोगो को संगठित कर, देश मे
एक राष्ट्रव्यापी आन्दोलन चलाएंगे
और भ्रष्टाचार रुपी भारत माता के कलंक को देश से
मिटायेंगे।
2 स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना- देश के 6 लाख 38 हजार 365 गाँवों में एक-एक योग
शिक्षक स्थापित करना व योग-शिक्षको के माध्यम से नि:शुल्क योग का प्रशिक्षण देना।
हम योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने का
मार्गदर्शन दे, भारत के अन्तिम व्यक्ति को, स्वस्थ एवं स्वावलम्बी जीवन जीने की कला
सिखायेंगे।
3 राष्ट्र्वादी स्वच्छता अभियान- एक कार्ययोजना बनाकर, स्वच्छता अभियान चलाकर, देश मे
गंदगी को मिटायेंगे और भारत की एक स्वच्छ देश की छवि पूरे विश्व के मानचित्र मे
बनायेंगे।
4 राष्ट्र मे भाषायी एकता पैदा करना- हम राष्ट्र भाषा हिन्दी के साथ-साथ
अन्य भारतीय भाषाओ
यथा गुजराती, तमिल, तेलगु, कन्नड, मराठी, पंजाबी, बंग्ला आदि को उचित सम्मान
दिलवायेंगे। विदेशी भाषाओ का ज्ञान रखना उत्तम बात है, परन्तु अन्य देश की भाषा का
राष्ट्र्भाषा के रुप मे प्रयोग करना घोर अपमान व शर्म की बात है। विश्व का कोई भी
सभ्य देश अपने नागरिको को विदेशी भाषा मे शिक्षा नही देता।
5 गरीबो को नि: शुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाना व योग शिक्षा को अनिवार्य रुप से शिक्षण
पाठ्यक्रम में लागू करवाना- हम सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालय के नियमित समय से
अतिरिक्त प्रात: एवं सांयकाल झुग्गी-झोंपडी मे रहने वाले गरीबो, मजदूरो, किसानो,
ग्रामीणो, वनवासियो एवं आदिवासियो के बच्चो को पढाकर उनको भी शिक्षा देकर
आत्मस्म्मान एवं स्वावलम्बन के साथ जीवन जीने का अवसर उपलब्ध करवायेंगे एवं विकास
मे गरीबो की भागीदारी बढायेंगे।
|