भारत के जन – जन को योगधर्म से स्वधर्म का बोध करवा, उनके तन, मन एवं चिंतन को स्वस्थ करने हेतु तथा वैयक्तिक चरित्र को पवित्र कर राष्ट्रिय चरित्र का निर्माण करेगें एवं इस हेतु, योग शिक्षकों के विषेश प्रशिक्षण शिविरों में सभी शिविरार्थी भाई – बहनों से पाँच प्रतिज्ञा करवाई जायेंगी । आप भी इन प्रतिज्ञाओं को यहाँ स्वयं अंगिकार करें, वहीं अपने जिले के प्रत्येक शिक्षक, साधक, विशिष्ट सदस्य, कार्यकर्ता सदस्य, साधारण सदस्य एवं प्रत्येक नागरिक से भी यह प्रतिज्ञायें करवायें और एक स्वस्थ, समृद्ध एवं संस्कारवान भारत बनाने का संकल्प लें –
- हम राष्ट्रभक्त, ईमानदार, पराक्रमी, दूरदर्शी एवं पारदर्शी लोगों को ही वोट करेंगे । हम स्वयं 100% मतदान करेगें एवं दूसरों से करवायेंगे।
- हम राष्ट्रभक्त, कर्तव्यनिष्ट, जागरुक, संवेदनशील, विवेकशील एवं ईमानदार लोगों को
100% संगठित करेंगे एवं संपूर्ण राष्ट्रवादी शक्तियों को संगठित कर देश में एक नई आजादी, नई व्यवस्था एवं नया परिवर्तन लायेंगे । और भारत को विश्व की सर्वोच्च महाशक्ति बनायेंगे।
- हम शून्य तकनीकी से बनी विदेशी वस्तुओं का 100% बहिष्कार तथा स्वदेशी वस्तुओ का प्रयोग करेंगे ।
- हम 100% राष्ट्रवादी चिंतन अपनाते हुए हम अपने व्यक्तिक जीवन में हिन्दू, मुस्लिम,
सिख, ईसाई, बौध्द, एवं जैन आदि धार्मिक परंपराओं का निर्वाहन करेंगे, परंतु राष्ट्रीय
जीवन में हम एक सच्चे भारतीय – सच्चे हिन्दुस्तानी बनकर रहेंगे ।
- हम सम्पूर्ण भारत को 100% योगमय एवं स्वस्थ बनाकर राष्ट्रवासियों को आत्मकेंन्द्रित
करेंगे और आत्मविमुखता से पैदा हुई बेईमानी, भ्रष्टाचार, निराश, अविश्वास व
आत्मग्लानि को मिटाकर जन – जन में आत्मगौरव का भाव जगायेंगे एवं
वैयक्तिक व राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण कर भारत का सोया हुआ स्वाभिमान जगायेंगे ।
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