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योगपीठ के आधार स्तम्भ

पतंजलि योगपीठ को वर्तमान स्वरुप तक पहुँचाने वाले पतंजलि योगपीठ के आधार स्तम्भ - (अधिक जानने के लिये नाम पर क्लिक करें)
  1. स्वामी रामदेव
  2. वैद्यराज आचार्य बालकृष्ण
  3. स्वामी शंकर देव
  4. स्वामी मुक्तानंद्जी


स्वामी शंकरदेवजी महाराज –

स्वामी शंकरदेव जी दिव्य योग मंदिर (ट्रस्ट) और पतंजलि योगपीठ (ट्रस्ट) के संरक्षक एवं संस्थापक ट्रस्टी है। स्वामी जी का जन्म वर्ष 1930 में उत्तराखण्ड राज्य (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के अल्मोडा जनपद में हुआ, प्रारम्भ से ही वह सन्यासी बनना चाहते थे। बाल्यकाल से ही उन्होने सत्संगों में जाना और साधु सन्यासियों के साथ रहना आरम्भ कर दिया। मात्र 15 वर्ष की आयु में वर्ष 1945 में उन्होंने ग्रहत्याग कर दिया और सन्यासियों के एक जत्थे के साथ विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हुए हरिद्वार पहुँचे, जहाँ वह महान संत स्वामी क्रपालुदेव जी महाराज के संपर्क में आये और उनके शिष्य बन गये। इसके पश्चात उन्होने वर्ष 1958 में गंगा दशहरा के दिन स्वामी इन्द्रदेव जी से सन्यास दीक्षा ग्रहण की। फरवरी 1968 से स्वामी शंकरदेव जी विश्व ज्ञान मंदिर में निवास कर रहे हैं जिसे हम दिव्य योग मंदिर के पंजिक्रत कार्यालय क्रपालु बाग आश्रम के रुप में जानते हैं। यह एक पुण्य स्थल है जहाँ उनके गुरु एवं भारत की स्वतंत्रता संग्राम के एक सक्रिय कार्यकर्ता स्वामी क्रपालुदेव जी महाराज ने तपस्या की थी। स्वामी शंकरदेव जी महाराज महान पारलौकिक व्यक्तित्व हैं। स्वामी रामदेव जी महाराज ने स्वामी जी से ही वर्ष 1995 में सन्यास दीक्षा ग्रहण की। दिव्य योग मंदिर (ट्रस्ट) व पतंजलि योगपीठ (ट्रस्ट) को इस स्तर पर पहुँचने में स्वामी शंकरदेव जी का सहयोग सराहनीय है।